मुझमें “मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट” है और इस बात का भान मुझे

मुझमें “मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट” है और इस बात का भान मुझे तक़रीबन पन्द्रहेक वर्षो से है. लगभग इतने दिन पहले ही एक बार बस में जाते मैं सोच रहा था, ये पुल, सड़क, किनारे के मकान, नदियाँ, पहाड़… ये सब कितने बेतरतीब हैं दुनियां में. इनको उठाकर एक साइड करके पहले सब समतल किया जाए और फिर सभी चीजों को एक एक कर करीने से लगाया जाय. हालाँकि ये सब सोचते खोकर मैं अपने नियत गंतव्य राजकोट ना उतरकर आगे चला गया….नतीजतन बीच हाई-वे उतरकर लिफ्ट ले वापस राजकोट आ पाया.

घर आकर पत्नी को बताया तो उनका एक्सपर्ट कमेंट था – “मनसा पगला गेलेय या” – ऐसा नहीं है कि उनके इस हौसला अफजाई से मेरी ये बीमारी ख़तम हो गयी. बीच में एक दिन जब मैंने उन्हें कहा – “क्यों न हम दोनों फेसबुक लाइव आकर झगडा लड़ाई करते हैं, इससे नई पीढ़ी को काफी कुछ सीखने को मिलेगा.” – मुझे याद है उन्होंने छुटते ही कहा था – “हे, अई शनि के निहूछि देब अहाँ के…”

कई बार मुझे चुप देखकर वो कुढती हैं. वो चाहती हैं कि मैं उनको बताऊँ की क्यों चुप हूँ, क्या है अन्दर, कहीं की कोई खबर, किसी की कोई खबर… मगर मेरा मूड बोलने का कम समय ही होता है. ऐसे में मैं उनसे कहता हूँ – “मेरे दिमाग में USB लगा कर कॉपी कर उसे अपने दिमाग में पेस्ट कर लो”

एक दिन हम किसी दुकान में कुछ सामान देखकर वापस जा रहे थे. मैंने उन्हें यह कहकर ना पसंद सामान ही ले लेने को वापस किया की वो दुकानदार बेचारा क्या सोचेगा हमारे बारे में… यूँ तो मैंने कई बार टुथ पेस्ट से फेस को वाश कर लिया है किन्तु आज सुबह जब मैंने ब्रश करने के बाद जिभिया (नवांकुरो की भाषा में टंग क्लीनिंग) करने के लिए अपना रेजर उठा लिया तो पत्नी जोर से चिल्लाकर रोकती हुई बोली – “हे, भगवती, नै जानि ए मनसा क के नजरि लगा देलकय… कोना हमर दिन जेतय् से नै कहि”

नवाब मंसूर अली खान पटौदी को महानता की श्रेणी में इसलिए भी रखा गया क्योंकि

हमारे मिथिला सह कई और स्थान पर मंदिरों में तस्वीर खींचने की न केवल मनाही है बल्कि कई स्थानों पर इससे अनिष्ट को भी जोड़ा जाता है. कई बुजुर्ग कह गये – शक्तियाँ क्षीण होती हैं. हालिया जबकि प्रसिद्ध मंदिरों के मुख्य पुजारियों के पास अपना यूट्यूब चैंनल है, क्या ही कहना.

खैर, तो मैं क्या कह रहा था कि मेरा दिमाग खराब है और मेरा यह दिमाग मुझे किसी भी गर्भगृह की तस्वीर साझा करने को गलत ठहराता है. किन्तु आपने तनाव नहीं लेना है, मुझमे तो मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है, आपने इसे अवॉयड करके आगे निकल जाना है.

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