माइक हसी से पूछा गया कि आपको टीम में इतनी देर में जगह मिली

माइक हसी से पूछा गया कि आपको टीम में इतनी देर में जगह मिली, जबकि आप बहुत पहले से टीम में जगह डिजर्व करते थे, इसके बारे में आपका क्या कहना है??
मॉइकल हसी का जवाब था – ऑस्ट्रेलिया की टीम में 11 विश्वविजेता खिलाड़ी खेल रहे थे जिन्होंने टीम को अजेय बनाया था, फिर मेरे होने, न होने का सवाल ही नही पैदा होता।


ज्ञात हो मॉइकल हसी 29 साल की उम्र में टीम में आये। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के वावजूद टीम में आने में देर लग गयी।
सरफराज अहमद, जिसके बारे मे सबको पता भी नही है, आईपीएल में उसका प्रदर्शन कैसा है सबको पता है.. प्रथम श्रेणी के मैचों में कितना रन बनाया है सबको पता है.. लेकिन इतना बिना मतलब का माहौल बनाया जाना कि उसके साथ गलत हो रहा है, सब बे मतलब की बातें है.

Movierulz (1)


पिछली पोस्ट में कोई सरफराज को डॉन ब्रेडमैन बता रहा था
एक खिलाड़ी के पक्ष में ऐसी बेमतलब की बातें ठीक नही है..
टीम इंडिया बेहतरीन खेल खेल रही है,और बेहतरीन परफॉर्म कर रही है,अभी टीम एक बदलाव की दिशा में है, कुछ पुराने खिलाड़ी छोड़कर, तमाम नए झिलाड़ी हैं उनको मौका दिया गया है, मिडिल आर्डर खोज जारी है.. समय आने पर कुछ रुकेंगे, और कुछ स्वतः ही बाहर होंगे।
लेकिन एक सच जान लीजिए टीम में किसी के जैक के बलबूते कोई खिलाड़ी नही आता। इंडियन टीम में बेहतरीन लोकतंत्र है.. जहां किसी प्रकार की नेपोटिज्म और किसी प्रकार का पौवा नही चल सकता।

नवाब मंसूर अली खान पटौदी को महानता की श्रेणी में इसलिए भी रखा गया क्योंकि

धोनी अपनी टीम में अगर किसी को नही चाहते थे तो वो इसके लिए बहुत स्पष्ट थे

अव्वल तो चंद्रयान 3 सच्ची में उतरा भी है कि नहीं इसी पर डाउट होना चाहिए।

सबसे पहले तो हमें ट्विटर को अपना सर्वोच्च न्यूज़ सोर्स मानना बंद करना होगा।

2002 में आई राज़ एक ऐसी फिल्म थी जिसने हमारी चूलें हिला दी थीं।


वहां रुकने का एक ही आधार है और वो है खिलाड़ी की योग्यता..
बेहतरीन प्रदर्शन और टैलेंट को कोई इग्नोर नही कर सकता।
लेकिन उसके लिए अधीर होने की जरूरत नही है। आखिर खेलेंगे तो 11 ही खिलाड़ी..
लेकिन यह स्मरण रहे कि सबका नम्बर आएगा। और टीम इंडिया में बेहतरीन लोकतंत्र है.. ! नेपोटिज्म होता तो सचिन और गवास्कर के बच्चे आज इंडियन टीम का हिस्सा होते।

0Shares

Leave a Comment

0Shares