एक समय था क्रिकेटर बिना हेलमेट ही बैटिंग करते थे

एक समय था क्रिकेटर बिना हेलमेट ही बैटिंग करते थे, गावस्कर ने बिना हेलमेट दस हजार रन बना दिये.. लेकिन यह बहुत असाधारण बात नही थी, अक्सर बड़े क्रिकेटर बिना हेलमेट ही खेलते थे।

लेकिन यह कोई समझदारी का काम नही था। हेलमेट न पहनने का खामियाजा आप पूर्व भारतीय कप्तान नारी कॉन्ट्रेक्टर से पूँछिये…

एक गेंद ने जीवन तो नही लिया लेकिन करियर को तबाह कर दिया। एक मृतप्राय जीवन दिया, जिस खेल के लिए वो बने थे उससे दूर कर दिया…

1962 के दौरान भारत का वेस्टइंडीज के साथ मैच था.. दिलीप सरदेसाई, ओपनिंग आते थे नारी के साथ..”

Movierulz (1)

भारतीय टीम कुछ ऐसी थी कि ज्यादातर खिलाड़ी 16-20 उम्र के लड़के..

वेस्टइंडीज के साथ स्थिति ऐसी थी जैसे शेर के सामने छोटा मेमना खड़ा कर दिया गया हो.. जिसकी किस्मत में बस मरना ही लिखा था। लेकिन लड़ाके थे..

पर किस्मत को इससे भी मंजूर था।

चार्ल्स ग्रिफिथ .. जो अपने शरूवाती करियर में स्पिनर थे लेकिन एक मैच में फ़ास्ट बौलिंग का शौक लगा और वो सफल भी रहे तो उन्होंने मुड़कर नही देखा… एकदम भयानक वाले बॉलर बन गए..

चार्ल्स गेंद फेंक रहे थे.. और उन्होने बाउंसर मारा सीधे नारी के खोपड़ी पर लगी.. टक से आवाज आई.. और वो गिर पड़े..

खोपड़ी में खून के थक्के जमा हो गए, पहले डॉक्टर्स नही हुआ करते थे टीम के साथ, इसलिये और भी खतरा था…

लेकिन उनका जीवन बचना था, वरना सब कुछ होने के बावजूद भी फिल ह्यूज को नही बचाया जा सका।

क्रिकेट महान है लेकिन उसकी यात्रा उससे भी अनोखी

वेस्टइंडीज के तत्कालीन कप्तान और भारतीय खिलाड़ियों ने भी ब्लड डोनेट किया था, नारी को..

लेकिन एक बढ़िया कप्तान ने गंवा दिया… जो हाल में अपने ट्रैक पर आने वाला था।

बहुत बार दूसरे से दुर्भाग्य से भी किसी की किस्मत चमकती है तो भारतीय टीम को नया कप्तान मिला टाइगर…

उनकी कहानी फिर कभी…

लेकिन हेलमेट न पहनने कोई बहादुरी न थी. यह एक भद्दा मजाक था…खैर हो भी क्यों न..! कहीं पढा था मैंने, कि हेलमेट से पहले एडी की खोज हुई थी.. शायद उसने ब्रेन को बचाना उतना उचित न समझा हो..

कप्तान नारी कॉन्ट्रेक्टर मौत को छूकर लौटे थे..

तो हेलमेट न पहनने की वजह से हमने एक बेहतरीन कप्तान भी गंवाया है.. नारी ने बहुत कोशिश की कि ठीक होने के उपरांत वो केवल एक मैच खेल लें लेकिन ऐसा सम्भव न हुआ.

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