क्रिकेट महान है लेकिन उसकी यात्रा उससे भी अनोखी


एक चलन है, एक गीत गाया जाता है कि हमारे जमाने के लोग बहुत महान थे, फला गेंदबाज तो बहुत खतरनाक थे, उस वक्त गेंद की स्पीड नही मापी जाती थी वरना उनके आगे अख्तर और ब्रेट ली कि क्या बिसात… आज के बल्लेबाज तो पानी मांगते…
देखिये ऐसा कुछ भी नही था.. यह एक सामान्य बात थी..
इतना हौवा मत बनाइये।
ये और बात है कि प्रतिस्पर्धा हर वक्त थी, वो अपने समय के महान लोग थे… वाल्स इमरान, हैडली, एम्ब्रोस, मार्शल… and many more जिस जिस महान गेंदबाज को आप जानते हों…
बेशक ये अपने वक्त के सबसे महान और खतरनाक गेंदबाज थे।
लेकिन यह बिल्कुल सच है कि ये आज के गेंदबाजों से तकनीकी रूप से आगे नही थे.. “
कुछ आदत होती है किसी महान व्यक्ति की महानता को बनाए रखने की, कि हम क्यों उनपर प्रश्न चिन्ह करें.. क्या मतलब..
जो महान कहा जा रहा, उसे भी महान कहकर आगे निकल जाईये…”

Movierulz


लेकिन कई बार अगले को कमतर कहकर पुराने को महान कहने की बड़ी खराब आदत होती है..
पहले गेंदबाज घातक होते थे.. लेकिन होते क्यों थे? यह भी तो जानिए..
क्योंकि कायदे से सेफ्टी गियर्स नही पहने जाते थे, तो चोट लगने की संभावना ज्यादा थी.. अब यह कहना कि वो गेंदबाज तो बैटमैन को स्ट्रेचर पर भेजते थे यह अतिशयोक्ति है..
इस गिल्ट से ऑस्ट्रेलिया ही नही पूरा विश्व सदमें में था कि ऐसे वक्त में फिल ह्यूज की मौत गेंद लगने से हुई.. जब सारे संसाधन मौजूद थे,पहले के वक्त में होता तो यह बेहद समान्य बात होती
पहले पिच भी उस स्तर की नही बनती थी उनपर घास होती थी, बिना मतलब का उछाल होता था, हल्का भी स्विंग, कोहनी कमर गर्दन चोटिल करने के लिए काफी था।
अब ऐसी पिच पर एम्ब्रोस गेंद फेंक रहे हों और गावस्कर बैटिंग कर रहे हों तो तप्पा खाने वाली सभी गेंद गवास्कर का मुंह तोड़ने के लिए काफी होगी।

अव्वल तो चंद्रयान 3 सच्ची में उतरा भी है कि नहीं इसी पर डाउट होना चाहिए।
पुराने समय में केवल बॉलर का खौफ होता था, आज कोई कितना भी बड़ा बॉलर हो, चूहा बल्लेबाज भी नही डरता। क्योंकि उसको हर एक शॉट का हल पता है.. ये और बात है कि मौके पर चयन नही कर पाता।
पहले गेंदबाजी के लिए बहुत सारे नियम नही थे, पूरा ओवर बाउंसर ही फेंकते थे.. कोई लिमिटेशन नही।
फ्रण्टफूट की गेंद की नो बॉल नही होती थी,
तो गेंदबाज भी 18 गज तक जाकर गेंद फेंकते थे।
अब ऐसी पिच पर कर्टली एम्ब्रोज 7 फुट का बॉलर और तीन फुट ऊंचा उसका हाथ, मतलब दस फुट ऊंचाई से गेंद को ऐसी पिच पर फेंकेगा जिसकी प्रकृति के बारे में कुछ नही पता तो बैट्समैन की पेंट खराब होगी या नही???
यह देश काल और परिस्थिति का विषय है…
एक वक्त था जब लिमिटेड श्रृंखला ही खेली जाती थी क्रिकेट इतना व्यवसायिक नही था, साल भर में कभी कभार खेलने जाना होता था। हर गेंदबाज का रहस्य बना रहता था। आज पूरी कुंडली सामने होती है।

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