शक्ति कपूर: बॉलीवुड के खलनायक सम्राट

शक्ति कपूर: बॉलीवुड के खलनायक सम्राट – शक्ति कपूर भारतीय सिनेमा जगत के लिए एक जाना पहचाना नाम हैं। बॉलीवुड में खलनायक की भूमिकाओं में उन्हें विशेष ख्याति प्राप्त हुई। उन्होंने 700 से अधिक फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया। अपने फिल्मी सफर में उन्होंने कभी-कभी सकारात्मक और हास्य भूमिकाएं भी निभाईं, लेकिन दर्शकों के जेहन में उनकी छवि एक दमदार खलनायक के रूप में ही बनी हुई है।

शक्ति कपूर: बॉलीवुड के खलनायक सम्राट

शक्ति कपूर का जन्म 3 सितंबर 1952 को दिल्ली में हुआ था। उनका असली नाम सुनील कपूर था। उनके पिता का नाम सिकंदर लाल कपूर था, जो हिंदी रंगमंच के एक प्रसिद्ध कलाकार थे। माता का नाम निर्मला कपूर था। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। फिल्मी दुनिया का सपना लिए उन्होंने पुणे स्थित फिल्म और टेलीविजन संस्थान (FTII) में दाखिला लिया। शक्ति कपूर को बचपन से ही फिल्म और रंगमंच से लगाव था।

FTII से स्नातक की उपाधि प्राप्त करने के बाद शक्ति कपूर मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में अपना भाग्य आजमाने के लिए निकल पड़े। शुरूआती दिनों में संघर्ष काफी कठिन था। शक्ति कपूर को शुरुआत में सकारात्मक किरदार निभाने का मौका मिला। लेकिन कुछ फिल्मों के असफल होने के बाद उन्हें खलनायक की भूमिकाएं मिलने लगीं। उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और अपनी दमदार आवाज, शानदार अभिनय और खास अंदाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। धीरे-धीरे उन्हें खलनायक के रूप में पहचान मिली और वह निर्माताओं की पहली पसंद बन गए।

शक्ति कपूर

शक्ति कपूर ने अपने 40 साल से अधिक के फिल्मी करियर में 700 से अधिक फिल्मों में काम किया। उन्होंने “हीरो”, “कर्मा “आँखें” जैसी कई सफल फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। यह उनकी दमदार अभिनय प्रतिभा का ही परिचाम था कि उन्हें नकारात्मक किरदारों में भी दर्शकों का प्यार मिला। शक्ति कपूर का बॉलीवुड को सबसे बड़ा योगदान खलनायकी को एक अलग आयाम देना रहा है। पारंपरिक रूप से खलनायक सिर्फ क्रूर और नकारात्मक होते थे, लेकिन शक्ति कपूर ने इन किरदारों में एक हास्यपूर्ण और मनोरंजक पहलू भी जोड़ा।

खलनायक को दिया मनोरंजक रूप: शक्ति कपूर ने अपनी दमदार आवाज, शानदार अभिनय और खास अंदाज से खलनायक के किरदारों को सिर्फ नकारात्मकता से नहीं, बल्कि एक हास्यपूर्ण आयाम भी दिया। उनकी डायलॉग डिलीवरी, हाव-भाव और शारीरिक भाषा दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ खलनायक के मंसूबों को भी स्पष्ट करती थी।

किरदारों में गहराई: हालांकि हास्य उनका मजबूत पक्ष था, लेकिन गंभीर खलनायक की भूमिकाएं भी उन्होंने बखूबी निभाईं। “कर्मा” में उनके द्वारा निभाया किरदार इसका एक उदाहरण है। वहीं “हीरो” में उनके द्वारा निभाया गया खलनायक दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता था। कॉमेडी में जलवा: शक्ति कपूर केवल खलनायक ही नहीं थे, बल्कि एक बेहतरीन कॉमेडियन भी। फिल्मों में उन्होंने कई हास्य भूमिकाएं निभाईं और दर्शकों को खूब हंसाया।

नटखट लड़की बन गई बॉलीवुड की राजकुमारी

स्वतंत्रता वीर सावरकर रणदीप हूड़ा की ऐतिहासिक पेशकश को समझने के लिए इतना समझें

स्वतंत्रता वीर सावरकर ने अपने दूसरे दिन अच्छी ग्रोथ ली है?

स्वतंत्रता वीर सावरकर फिल्म का रन टाइम ‘2 घंटे 58 मिनिट’ रखा गया है

जब कोई अभिनेता किसी किरदार के लिए गहराई तक उतर जाए तो समझ लो

“राम तेरी गंगा मैली” की सफलता के बाद मंदाकिनी को कई फिल्मों के ऑफर मिले

अभिनय का बहुमुखी प्रतिभा: शक्ति कपूर का फिल्मी सफर 40 साल से भी ज्यादा लंबा रहा। इस दौरान उन्होंने लगभग 700 फिल्मों में काम किया। खलनायक और कॉमेडी के अलावा उन्होंने सहायक भूमिकाएं और कुछ सकारात्मक किरदार भी निभाए। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें हर तरह के किरदार में सफलता दिलाई। शक्ति कपूर ने बॉलीवुड को खलनायिकों के एक अलग रंग से सराबोर किया। उन्होंने हास्य और गंभीरता के मिश्रण से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। उनका फिल्मी सफर न केवल मनोरंजक रहा बल्कि बॉलीवुड के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय भी है। शक्ति कपूर को “बॉलीवुड के खलनायक सम्राट” के रूप में जाना जाता है। उन्हें 2011 में रियलिटी शो “बिग बॉस” में भाग लेने के लिए भी जाना जाता है। शक्ति कपूर के बेटे सिद्धार्थ कपूर और बेटी श्रद्धा कपूर भी सफल अभिनेता हैं।

Leave a Comment